2025 में मोबाइल से पैसे कमाना अब केवल एक प्रयोग नहीं रहा। आज यह लाखों लोगों के लिए वास्तविक इनकम का ज़रिया बन चुका है। UPI और तेज़ इंटरनेट ने छोटे-छोटे पेमेंट्स को बेहद आसान बना दिया है, जिससे हर उम्र के लोग पार्ट-टाइम इनकम या माइक्रो अर्निंग के लिए भरोसेमंद ऐप्स तलाश रहे हैं।
हालाँकि, हर ऐप सुरक्षित या असली नहीं होता। कई नकली प्लेटफॉर्म्स केवल डेटा इकट्ठा करने या यूज़र्स को धोखा देने के लिए बनाए जाते हैं। इस गाइड में आपको यह समझाया गया है कि असली पैसे कमाने वाले ऐप्स कौन-से हैं, किन कैटेगरीज़ में काम करते हैं, कौन-से सेफ्टी चेक करने चाहिए, टैक्स से जुड़े नियम क्या हैं, और शुरुआत करने का सही तरीका क्या है।
UPI ट्रांज़ैक्शन्स भारत में रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुके हैं और सरकारी नीतियों में लगातार बदलाव हो रहे हैं, जिससे माइक्रो पेमेंट्स को और भी सुरक्षित और स्थायी बनाया जा रहा है।
Paise Kamane Wala App क्या होता है? (Basics)
Definition
पैसे कमाने वाला ऐप वह मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसके ज़रिए यूज़र्स surveys, छोटे tasks, cashback, freelancing, reselling, content creation, investment या gaming जैसी गतिविधियों से इनकम कमा सकते हैं।
Reality Check
ये ऐप्स “फटाफट अमीर” नहीं बनाते। यहाँ कमाई समय, निरंतरता और आपकी स्किल पर निर्भर करती है। नियमित और स्मार्ट तरीके से उपयोग करने पर ये अतिरिक्त इनकम का अच्छा जरिया बन सकते हैं।
Paise Kamane Wala App के प्रमुख प्रकार (Main Types 2025)
1. Survey और Micro-Task Apps
- छोटे-छोटे सर्वे या टास्क पूरा करने पर कैश या वाउचर मिलता है।
- उदाहरण: Google Opinion Rewards (पेमेन्ट PayPal या Google Play पर)।
- ध्यान दें: सर्वे की उपलब्धता सीमित होती है और बड़ी इनकम की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
2. Cashback और Rewards Apps
- शॉपिंग करने पर या लिंक से ऑर्डर करने पर कैशबैक मिलता है।
- उदाहरण: CashKaro, GoPaisa
- कमाई bank account, wallet या gift voucher में redeem की जा सकती है।
- लाभ: रोज़मर्रा की खरीदारी पर अतिरिक्त बचत।
3. Freelancing और Skill-Based Apps
- प्लेटफॉर्म्स जैसे Upwork, Fiverr, Freelancer, WorkNHire पर projects लेकर इनकम।
- जरूरी स्किल्स: Writing, Designing, Coding, Marketing, Video Editing आदि।
- यहाँ कमाई आपकी स्किल और global clients से competition पर निर्भर करती है।
4. Reselling और Commerce Apps
- Meesho और इसी तरह के apps के ज़रिए बिना stock रखे प्रोडक्ट बेचकर margin कमाना।
- ध्यान रखें: हर seller को लाभ नहीं होता। सही प्रोडक्ट चुनना और मार्केट समझना ज़रूरी है।
5. Investment और Trading Apps
- SEBI-registered brokers जैसे Zerodha, Groww, Upstox पर स्टॉक्स, mutual funds, या IPOs में निवेश।
- High Risk–High Return: मार्केट रिस्क हमेशा रहता है।
- लंबी अवधि में सोच-समझकर निवेश करना सबसे सुरक्षित रणनीति है।
6. Gaming और Fantasy Sports Apps
- Rummy, Poker, Fantasy Cricket जैसे apps पर cash winnings संभव।
- Tax Rules: 30% flat TDS हर winning पर कटता है।
- Legal Note: कुछ राज्यों में इन apps पर बैन या grey area है।
- हमेशा जिम्मेदारी से और limit में खेलना चाहिए।
7. Content Creation Apps
- YouTube, Instagram Reels, Facebook Shorts पर वीडियो बनाकर ads, sponsorships, और affiliate से कमाई।
- शुरुआत धीमी होती है लेकिन समय और consistent effort से बड़ा income source बन सकता है।
- यहां growth पूरी तरह creativity, audience engagement और नियमित काम पर निर्भर है।
2025 में ये Apps प्रासंगिक क्यों हैं?
2025 में ऑनलाइन पैसे कमाने वाले ऐप्स पहले से कहीं ज़्यादा उपयोगी और व्यवहारिक हो चुके हैं। इसके पीछे कुछ खास वजहें हैं जो इन apps को आज के डिजिटल भारत में relevant बनाती हैं:
UPI और PPI की व्यापक पहुंच
आज लगभग हर स्मार्टफोन यूज़र UPI या प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (PPI) का इस्तेमाल कर रहा है। अब फुल KYC वाले वॉलेट्स में interoperability और UPI लिंकिंग का सपोर्ट है, जिससे माइक्रो-पेमेंट्स और earning withdrawal पहले से कहीं आसान हो गया है। ₹10, ₹50 जैसी छोटी राशियों को सीधे बैंक खाते में भेजना अब seamless और cost-effective हो गया है।
Work-from-Home और साइड इनकम की मांग
पार्ट-टाइम इनकम आज सिर्फ छात्रों या गृहणियों की ज़रूरत नहीं रही। गिग वर्कर्स, रिटायर्ड लोग और नौकरीपेशा भी अब flexible कमाई के विकल्प खोज रहे हैं। ऐसे में ये apps एक ऐसा जरिया बनते हैं जहां लोग अपनी सुविधा से कमाई कर सकते हैं।
कम निवेश की ज़रूरत
अधिकतर earning apps में शुरुआत करने के लिए कोई upfront निवेश नहीं होता, या बहुत ही nominal होता है। एक स्मार्टफोन और डेटा कनेक्शन ही पर्याप्त है। इससे low-risk income generation accessible हो गया है, खासकर उन लोगों के लिए जो full-time job नहीं कर सकते।
2025 की Top Categories + Notable Apps
नीचे दी गई जानकारी केवल educational उद्देश्य से है। हम किसी ऐप का प्रमोशन नहीं कर रहे। उपयोग करने से पहले खुद रिसर्च करें।
Survey & Micro-Task Apps
Google Opinion Rewards
- छोटे-छोटे surveys पूरे करने पर PayPal या Google Play balance के रूप में payout मिलता है।
- Survey frequency irregular होती है और income low होती है।
- Trustworthy platform है लेकिन limited earning potential।
Toluna / Swagbucks
- Surveys, videos देखने और अन्य tasks करने पर points मिलते हैं जिन्हें cash या gift card में बदल सकते हैं।
- App + Web दोनों पर उपलब्ध।
- समय के हिसाब से reward modest है।
Cashback & Rewards Apps
CashKaro
- Affiliate-based cashback model।
- Minimum threshold पार करने के बाद payout bank transfer या Amazon/Flipkart gift vouchers में होता है।
- Offers का फायदा तभी होता है जब tracked purchases ध्यान से की जाएं।
CRED / Paytm Offers
- Bill payments, recharges, और merchant spends पर occasional cashback या rewards।
- T&Cs अलग-अलग होते हैं, हर offer को इस्तेमाल करने से पहले पढ़ना ज़रूरी है।
Freelancing & Micro-Jobs Apps
Upwork / Fiverr / Freelancer
- Writing, designing, translation, data entry जैसे freelance gigs के लिए trusted platforms।
- Payment options: Bank transfer, PayPal।
- Success largely depends on आपका portfolio, reviews और सही gigs चुनने की क्षमता पर।
Reselling / Commerce Apps
Meesho
- Zero investment से शुरू करने वाला reselling platform।
- Products का catalog शेयर करें, ऑर्डर आए तो fulfil करें और अपनी margin सेट करें।
- Logistics और return policies आपकी earning को प्रभावित कर सकते हैं।
- हर seller को मुनाफा नहीं होता, unit economics समझना जरूरी है।
Investment & Trading Apps (High Risk)
Zerodha / Groww / Upstox
- SEBI-registered trading और investment platforms।
- Stocks, mutual funds, ETFs में निवेश की सुविधा।
- Capital risk शामिल होता है, इसलिए बिना knowledge के entry न करें।
- Long-term सोच और financial literacy जरूरी है।
Gaming & Fantasy Apps (High Compliance)
Real-Money Gaming (Fantasy Sports, Poker, Rummy)
- Games खेलने पर जीत की राशि मिल सकती है, लेकिन winnings पर 30% TDS लागू होता है (Section 115BBJ)।
- कुछ राज्य जैसे तमिलनाडु, केरल, आदि में इन apps पर प्रतिबंध भी हैं।
- कुछ नई platforms virtual stocks या opinion-based trading की आड़ में काम कर रही हैं जिन पर नियामक कार्रवाई कर रहे हैं।
- Use only state-legal, compliant apps. Always verify your local law.
Content Creation & Social Platforms
YouTube, Instagram Reels, Shorts, ShareChat, Moj
- Video बनाकर ads, brand deals या affiliate से कमाई की जा सकती है।
- Monetization धीरे शुरू होता है लेकिन consistency के साथ grow करता है।
- Regional creators के लिए भी अब कई local platforms अच्छे अवसर दे रहे हैं।
Genuine App चुनने का 10-Point Checklist
ऑनलाइन कमाई करने वाले ऐप्स चुनते समय सतर्क रहना ज़रूरी है। नकली ऐप्स न केवल आपका समय और मेहनत बर्बाद करते हैं, बल्कि आपके पैसे और डेटा को भी खतरे में डाल सकते हैं। नीचे दिए गए 10 पॉइंट्स को ध्यान में रखकर आप एक भरोसेमंद ऐप पहचान सकते हैं:
1. Play Store Rating और Recent Reviews देखें
किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी Google Play Store या App Store rating देखें। हाल के reviews ज़रूरी हैं, क्योंकि कई ऐप शुरू में genuine लगते हैं लेकिन बाद में payout issues या bugs सामने आते हैं।
2. Official Website और Company Details Verify करें
भरोसेमंद ऐप्स की official website, company registration और contact details साफ लिखी होती हैं। अगर कोई ऐप कंपनी का नाम या background छुपा रहा है, तो सतर्क रहें।
3. Payout Methods Clear हों
ऐप का payout system transparent होना चाहिए। UPI, bank transfer या PayPal जैसे भरोसेमंद तरीकों का इस्तेमाल होना चाहिए और minimum withdrawal threshold साफ लिखा होना चाहिए।
4. No “Pay to Start” Rule
कभी भी ऐसे ऐप्स से बचें जो आपको upfront payment या joining fees मांगते हैं। Genuine apps में कमाई करने के लिए किसी प्रकार का entry fee नहीं देना पड़ता।
5. Data Permissions Check करें
App install करते समय यह देखें कि वह कितनी permissions मांग रहा है। अगर कोई earning app आपकी contacts, gallery, या unnecessary access ले रहा है, तो यह suspicious हो सकता है।
6. SEBI और RBI Compliance
Finance या investment से जुड़े apps को हमेशा SEBI-registered होना चाहिए। इसी तरह UPI या prepaid wallets वाले apps को RBI norms का पालन करना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि आपके पैसे और transactions सुरक्षित हैं।
7. Tax Clarity
Gaming और fantasy apps पर जीत की रकम पर 30% flat TDS लागू होता है। Genuine apps इसको स्पष्ट रूप से mention करते हैं और आपको invoices या tax records उपलब्ध कराते हैं।
8. Customer Support Test करें
App का support system कैसा है, यह ज़रूर check करें। Genuine apps के पास responsive chat, email या helpline होती है। अगर support unreachable है, तो यह red flag हो सकता है।
9. Withdrawal Proof Verify करें
किसी भी payout से पहले देखें कि recent users ने withdrawal proof share किया है या नहीं। केवल सोशल मीडिया के प्रचार या पुराने screenshots पर भरोसा न करें।
10. Time vs Reward का Balance
हर app से unrealistic expectations न रखें। Genuine apps धीरे-धीरे और छोटे amounts से payout देते हैं। अगर कोई app “जल्दी अमीर बनने” का दावा करता है, तो वह लगभग हमेशा fake होता है।
Safety, Legality & Tax (2025 Update)
पैसे कमाने वाले ऐप्स का इस्तेमाल करने से पहले उनके कानूनी पहलुओं और टैक्स नियमों को समझना बेहद ज़रूरी है। 2025 में सरकार ने ऑनलाइन इनकम और डिजिटल पेमेंट्स पर कई नए प्रावधान लागू किए हैं।
1. Online Gaming Tax
- ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली net winnings पर अब 30% फ्लैट टैक्स (सेक्शन 115BBJ) लागू है।
- ज़्यादातर प्लेटफॉर्म TDS काटकर ही भुगतान करते हैं।
- खिलाड़ियों को अपने ट्रांज़ैक्शन्स और टैक्स रिकॉर्ड्स संभालकर रखने चाहिए, ताकि सालाना फाइलिंग में आसानी रहे।
2. State-wise Legality in Gaming
- भारत में gaming अभी भी grey area मानी जाती है।
- कुछ राज्य, जैसे तमिलनाडु और तेलंगाना, ने stakes और skill-based games पर कड़े नियम लागू किए हैं।
- समय-समय पर कानूनी अपडेट आते रहते हैं, इसलिए हमेशा अपने राज्य के latest local rules ज़रूर जांचें।
3. Payments, UPI & Wallets
- अब अधिकतर wallets और payment apps को full-KYC पूरा करना अनिवार्य है।
- UPI linkage और interoperability ने छोटे-छोटे payouts को seamless बना दिया है।
- माइक्रो-अर्निंग के लिए यह सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित भुगतान का तरीका है।
4. Investment & Trading Apps
- निवेश हमेशा market risk के साथ आता है।
- सुरक्षित रहने के लिए केवल SEBI-registered brokers और apps का उपयोग करें।
- किसी भी ऐप या ब्रोकर पर पैसा लगाने से पहले उनकी वैधता और लाइसेंस ज़रूर चेक करें।
कौन-कौन सी प्रोफाइल के लिए कौन सा रास्ता सही?
हर किसी के लिए सही app और तरीका अलग होता है। अपनी स्थिति और उद्देश्य के हिसाब से चुनाव करना सबसे अच्छा होता है।
1. Students और Side-Hustlers
- Surveys और Micro-tasks: जल्दी और आसान शुरुआत।
- Cashback Apps: रोज़मर्रा की खरीदारी से बचत और इनकम।
- Entry-level Freelance Gigs: लेखन, डिजाइनिंग या छोटे प्रोजेक्ट्स।
- Content Creation: समय के साथ बड़ा स्रोत बन सकता है।
2. Homemakers
- Reselling Apps: घर बैठे प्रोडक्ट बेचने का मौका।
- Cashback: शॉपिंग से अतिरिक्त इनकम।
- Content Creation (Recipes, Crafts, Lifestyle): niche-based ऑडियंस से अच्छी growth।
3. Skilled Professionals
- Freelancing Apps: Designing, Development, Writing जैसी स्किल्स पर उच्च इनकम।
- Long-term Content Projects: ब्लॉगिंग, यूट्यूब चैनल, कोर्सेस।
- Investing: केवल सीखने और समझने के बाद; जल्दबाज़ी में नहीं।
4. Gamers
- केवल तब तक खेलें जब तक इसे मनोरंजन (Entertainment) की तरह लिया जाए।
- Strict Bankroll Management रखें।
- हमेशा legal compliance का ध्यान रखें और राज्य के कानूनों की जांच करें।
Getting Started — Step-by-Step
हर पैसे कमाने वाला ऐप अलग तरीके से काम करता है। इसलिए शुरुआत करने से पहले आपको सही रास्ता चुनना और छोटे-छोटे कदमों से शुरुआत करना ज़रूरी है। नीचे पाँच मुख्य paths दिए गए हैं जिन्हें आप अपनी सुविधा, स्किल और समय के अनुसार चुन सकते हैं।
Path A: Cashback + Reselling
- Cashback App चुनें – जैसे CashKaro या GoPaisa। ऐप डाउनलोड करने से पहले Terms & Conditions अच्छी तरह पढ़ें।
- High-Cashback Categories पर ध्यान दें – electronics, fashion, beauty जैसे सेक्शन में अक्सर अधिक कैशबैक मिलता है।
- Monthly Target तय करें – तय करें कि महीने में कितने रुपये कैशबैक या बचत करनी है।
- Reselling शुरू करें – Meesho जैसे apps से एक catalog niche चुनें। उदाहरण: kids wear, kitchen products या fashion accessories।
- Margin Sheet बनाएं – हर प्रोडक्ट पर कितना फायदा मिलेगा और returns होने पर कितना नुकसान हो सकता है, इसकी गणना पहले से करें।
Path B: Freelancing
- अपनी स्किल्स पहचानें – लिखना, डिजाइनिंग, वीडियो एडिटिंग, डिजिटल मार्केटिंग जैसी 1–2 स्किल्स चुनें।
- Portfolio बनाएं – कम से कम 3 sample works तैयार करें ताकि clients को आपका काम दिख सके।
- Profile Set करें – Fiverr या Upwork पर professional profile बनाएं।
- Gigs/Postings लिस्ट करें – 5 niche gigs डालें, जैसे “Logo Design for Startups” या “Social Media Captions Writing”।
- Templates बनाएं – प्रपोजल और delivery templates तैयार करें ताकि समय बच सके।
- Regular Outreach करें – हर हफ्ते clients से connect हों और projects का proper tracking रखें।
Path C: Surveys और Micro-Tasks
- Reputed Apps चुनें – जैसे Google Opinion Rewards या Swagbucks।
- Notifications On रखें – कई surveys जल्दी बंद हो जाते हैं, इसलिए notification से आपको instant alert मिलेगा।
- Realistic Target रखें – surveys से बहुत बड़ी इनकम नहीं होती। इसे ₹500–₹1500 per month के side-income के रूप में देखें।
Path D: Investment (Optional, High Risk)
- केवल SEBI-Registered Brokers चुनें – जैसे Zerodha, Groww, या Upstox।
- KYC पूरा करें – बिना KYC investment संभव नहीं है।
- Low-Cost Index Funds से शुरुआत करें – beginners के लिए safest option।
- Leverage/Derivatives Avoid करें – शुरुआती निवेशक high-risk instruments से दूर रहें।
Path E: Gaming (If Allowed)
- State Rules जांचें – आपके राज्य में कौन-से apps legal हैं, यह पहले confirm करें।
- Platform Compliance देखें – केवल licensed और certified gaming apps ही चुनें।
- Loss-Limit और Time-Cap सेट करें – गेमिंग को income source नहीं बल्कि एक side activity मानें।
- Tax का ध्यान रखें – winnings पर 30% flat TDS लगता है, इसलिए net profit हमेशा calculate करें।
Pros & Cons
हर पैसे कमाने वाले ऐप के अपने फायदे और सीमाएँ होती हैं। सही निर्णय लेने के लिए यह समझना ज़रूरी है कि किन बिंदुओं पर ये ऐप उपयोगी हैं और किन जगहों पर जोखिम है।
Pros
- Flexible Hours (लचीला समय): उपयोगकर्ता अपनी सुविधा के हिसाब से काम कर सकता है। इसमें किसी fixed 9-to-5 commitment की आवश्यकता नहीं होती।
- Low Entry Barrier (आसान शुरुआत): अधिकतर apps में केवल एक स्मार्टफोन और इंटरनेट की जरूरत होती है।
- Multiple Earning Paths (विकल्पों की विविधता): चाहे cashback हो, reselling, freelancing या content creation—हर तरह के यूज़र के लिए अलग रास्ते मौजूद हैं।
- Digital Payouts (सीधी कमाई): पैसे सीधे UPI, wallet या बैंक खाते में आते हैं, जिससे भरोसा और पारदर्शिता बनी रहती है।
Cons
- Low Reward Ratio (कम कमाई): छोटे surveys या tasks पर समय देने के बावजूद payout अक्सर काफी कम होता है।
- Scam Risk (धोखाधड़ी का खतरा): नकली apps या clones मौजूद हैं, जो data misuse या fraud कर सकते हैं।
- High Tax on Gaming (भारी टैक्स): गेमिंग और fantasy sports से जीत पर 30% TDS लागू है।
- Legal Complexity (कानूनी उलझन): कुछ राज्यों में fantasy या gaming apps पर पाबंदी या grey area की स्थिति है।
2025 Trends That Matter
पैसे कमाने वाले apps का future technology, policy और market behavior से तय होता है। 2025 में ये प्रमुख trends महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं:
1. UPI Scale & Policy Discussion
2025 में UPI का उपयोग ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच चुका है। सरकार और regulators बड़े merchants पर MDR (Merchant Discount Rate) लागू करने पर विचार कर रहे हैं। यह कदम ecosystem को लंबी अवधि में sustainable बना सकता है।
2. Tighter Oversight
SEBI और कई राज्य सरकारों ने हाल ही में “opinion trading” और “virtual stock” जैसे speculative models पर निगरानी कड़ी की है। संकेत साफ है कि भविष्य में high-risk income apps पर और सख्त नियम लागू होंगे।
3. Rise of Gig & Micro-Work
AI के बढ़ते उपयोग से data-labeling, content moderation और छोटे-छोटे hyper-local gigs की demand तेजी से बढ़ रही है। इसका सीधा फायदा freelancing और micro-tasking apps को मिलेगा।
4. PPI/UPI Integration
Prepaid Instruments (PPI) और UPI का integration payouts को और smooth बना रहा है। Full-KYC और interoperability जैसे कदम users को instant और hassle-free payments की सुविधा देंगे।
Quick Comparison Table (At-a-Glance)
Category | Typical Effort | Earning Pattern | Risk/Notes |
Surveys/Micro-tasks | Low, sporadic | Very low, pocket money | Limited surveys; payout thresholds via PayPal/Wallet |
Cashback/Rewards | Low–Medium | Depends on spend | Needs proper affiliate tracking; minimum payout rules apply |
Freelancing | Medium–High | Scales with skill | High competition; niche building is important |
Reselling | Medium | Margin-based | Logistics, returns, and pricing can reduce profit |
Investment/Trading | Medium–High | Market-linked returns | Capital at risk; always use SEBI-registered platforms |
Gaming/Fantasy | Medium | Variable | 30% flat tax on winnings; state-level restrictions |
FAQs (2025)
Q1. सबसे “best” पैसे कमाने वाला ऐप कौन सा है?
कोई एक ऐप सभी के लिए best नहीं होता। यह आपके skill, समय और risk tolerance पर निर्भर करता है।
Q2. क्या gaming winnings पर tax लगता है?
हाँ, online gaming से हुई net winnings पर 30% flat tax लागू है (Income Tax Section 115BBJ के तहत)।
Q3. Google Opinion Rewards से payout कैसे मिलता है?
इस ऐप पर payout PayPal के जरिए किया जाता है। ध्यान रहे कि surveys की frequency सीमित हो सकती है।
Q4. Cashback apps सच में पैसे देते हैं?
हाँ, ये apps affiliate model पर काम करते हैं। Threshold पूरा होने पर payout bank या voucher के जरिए मिलता है। Proper tracking ज़रूरी है।
Q5. Investment वाले apps safe हैं?
केवल SEBI-registered brokers पर भरोसा करें। Market risk हमेशा रहेगा, इसलिए informed decision लें।
Q6. मेरे state में fantasy/gaming legal है?
भारत में gaming के नियम state-wise अलग-अलग हैं। कुछ राज्यों में ये apps restricted हो सकते हैं। हमेशा local rules और app compliance check करना ज़रूरी है।
Q7. क्या इन apps से full-time income हो सकती है?
कुछ categories जैसे freelancing, content creation या reselling सही strategy और consistency के साथ full-time income बना सकती हैं। लेकिन surveys, cashback और micro-tasks ज़्यादातर pocket money या side income तक सीमित रहते हैं।
Q8. पैसे कमाने वाले apps पर payment delay क्यों होता है?
कई बार affiliate confirmations, client approvals या payout thresholds के कारण payments delay हो सकती हैं। Trusted apps हमेशा payout करते हैं, लेकिन timeline category पर depend करता है।
Q9. क्या बिना bank account के पैसे कमाए जा सकते हैं?
UPI-linked wallets (Paytm, PhonePe आदि) या vouchers के जरिए payments possible हैं। लेकिन long-term और बड़े payouts के लिए bank account होना जरूरी है।
Q10. क्या students और homemakers भी इन apps से कमा सकते हैं?
हाँ, surveys, cashback, reselling और content creation जैसी categories students और homemakers के लिए अच्छे विकल्प हैं क्योंकि ये flexible time और low entry barrier देते हैं।
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